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भारतीयता के गौरव की अनुभूति कराता लोकमंथन

    भारत में विचार विनिमय की अपनी एक समृद्ध संस्कृति रही है. ऋषि ,मुनि तथा विचारक एक जगह एकत्रित होकर समाज की समस्याओं तथा उसके निवारण पर विमर्श करते थे. धीरे –धीरे यह परम्परा सामाजिक उत्थान न होकर राजनीतिक उत्थान का रास्ता चुन लिया अर्थात हर विमर्श राजनीतिक दृष्टि से आयोजित होने लगे. जिसका सबसे …

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गरीबों के लिए संजीवनी है आयुष्मान भारत

       उत्तम स्वास्थ्य मानव जीवन की सबसे प्रमुख जरूरतों में से एक है. किन्तु आज के दौर में व्यक्ति लगातार बीमारियों की गिरफ़्त में आता जा रहा है, तो दूसरी तरफ़ नई –नई बीमारियों का आने से खतरा और बढ़ जाता है. जिनके पास पैसा है, जिनकी आर्थिक स्थिति मजबूत है वह देश अथवा विदेश …

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संवाद से भ्रांतियों को दूर करता संघ !

जब तमाम प्रकार की बातें किसी सामाजिक संगठन को लेकर फैलाई जा रहीं हो, तब ऐसी स्थिति में यह जरूरी जो जाता है कि वह संगठन अपना पक्ष तथा अपना विचार देश के समक्ष रखे. आरएसएस जैसे सांस्कृतिक संगठन के लिए तो यह और जरूरी हो जाता है. क्योंकि आज़ादी के पश्चात् ही संघ को …

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अमित शाह भाजपा के लिए जरूरी क्यों हैं ?

  भारतीय जनता पार्टी की दो दिनों तक चली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कई ऐसी बातें सामने निकल कर आईं जो आगामी लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रहीं हैं.गौरतलब है कि यह बैठक 18 और 19 अगस्त को प्रस्तावित थी, किन्तु अटल जी के निधन के पश्चात् इसे टाल …

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एनआरसी पर सियासत के मायने

एनआरसी का ड्राफ्ट आज संसद से सड़क तक चर्चा का केंद्रबिंदु बना हुआ है, सभी विपक्षी दल इस मुद्दे पर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहें है,वहीँ बीजेपी का स्पष्ट कहना है कि घुसपैठियों के मसले पर सभी दलों को अपना मत स्पष्ट करना चाहिए,देश की सुरक्षा के साथ भाजपा कोई समझौता नहीं …

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अविश्वास प्रस्ताव के सबक

    भारत के संसदीय इतिहास में विगत शुक्रवार का दिन कई मायने में ऐतिहासिक रहा. विपक्षी दलों द्वारा उस सरकार के खिलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाने का दुस्साहस किया गया, जिसे भारत की जनता ने प्रचंड बहुमत से देश की कमान सौंपी है. एनडीए सरकार के खिलाफ़ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का हश्र क्या होगा इसको …

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अखिलेश का अशोभनीय कृत्य

     हमारे देश के राजनेताओं को सत्ता का रसूख इतना भाता है कि वह अपने सियासी आडंबर से जरा भी समझौता करना पसंद नहीं करते. यही कारण है कि सरकारी बंगला,सुरक्षा,गाड़ी का  लब्बोलुआब उन्हें अपने गिरफ़्त में ले लेता है. राजनीति में जो मर्यादा, शुचिता एवं सहजता की स्थिति थी, अब वह बीते दिनों की …

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हिंसा की राजनीति पर लगाम जरूरी

भारत जैसे विविधताओं और महान लोकतांत्रिक देश में जब राजनीतिक हत्याओं के मामले सामने आते हैं तो निश्चित तौर पर, वह लोकतंत्र को मुंह चिढ़ा रहे होते हैं.राजनीतिक हत्या न केवल भारत के विचार –विनिमय  की संस्कृति को चोट पहुंचाते हैं बल्कि, यह सोचने पर मज़बूर करते हैं कि राजनीति में अब सियासी भाईचारे की …

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कर्नाटक में स्थायी सरकार जरूरी

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणाम सबके सामने है.किसी भी दल को वहाँ की जनता ने स्पष्ट जनादेश नहीं दिया .लेकिन, बीजेपी लगभग बहुमत के आकड़े चुमते –चुमते रह गई और सबसे बड़े दल के रूप में ही भाजपा को संतोष करना पड़ा है. कौन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा ? इस खंडित जनादेश के मायने …

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महाभियोग पर कांग्रेस का महाप्रलाप

सात विपक्षी दलों द्वारा मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ़ दिए गए महाभियोग नोटिस को उपराष्ट्रपति ने यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि मुख्य न्यायधीश के ऊपर लगाए गए आरोप निराधार और कल्पना पर आधारित है. उपराष्ट्रपति की यह तल्ख़ टिप्पणी यह बताने के लिए काफ़ी है कि कांग्रेस ने  किस तरह से अपने …

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